जीवन की सच्चाई : ये दुनिया खेल तमाशा है By Vinay Singh

Vinay Singh
0

ये दुनिया खेल तमाशा है।


जीवन कि असल सच्चाई By Vinay Singh 

हम सब का जीवन केवल खेल तमाशा है। यहां हम अपना खेल दिखाने आते हैं एक Player के रुप में। दुनिया में सब कुछ खेल (Game) है यानि इसे संसार रुपी खेल को आनंद पाने के लिये ही ईश्वर ने बनाया है।

इसका मतलब यह है कि यह सब केवल आनंद पाने के लिए ही किया जा रहा है।

इस खेल में ईश्वर को ज्यादा मजा आये इसके लिए उन्होंने बहुत से Rules and Regulations बनाये हुए हैं जिसे तोड़ने पर हमें सजा भी भुगतनी पड़ती है लेकिन इतना समझ लिजिये कि ये भी इसी खेल का एक हिस्सा है।

अब सवाल उठता है ईश्वर को तो इसमें बहुत मजा आता है पर हम क्यों इस खेल में अपना Role (भागिदारी) निभाने लगते हैं इसका जवाब है क्योंकि हम सब एक दुसरे से बंधे हैं। एक जीव का दुसरे जीव से नाता है, यही नाता हम सभी जीवों को बांधता है। जिस कारण एक का प्रभाव दुसरे पर पड़ता है यही अटल सत्य है।


सिधे शब्दों में कहें तो इस खेल में जैसी भावना से खेलता है उसको वैसा ही फल मिलता चला जाता है।

यानि जिस भावना के साथ कर्म करेंगे वैसा ही अच्छा बुरा फल हमें प्राप्त होता चला जायेगा।


इसी को जीव का सुख-दुख कहते हैं।

हम सब सृष्टि के नियम से ऐसे बंधे हैं कि हम चाह कर भी बाहर नहीं आ सकते। इसी कारण हमें सुख-दुख भी भोगना पड़ता है।


यहां उसी कि चलती है जिसने कर्म कर के ज्यादा नाम कमाया है।

इसे अगर हम खेल भावना से देंखें तो हमें पता चलता है कि जिसने अच्छे कर्म कर के सच्चाई से जीत हासिल कि है उसे नया कृतिमान हासिल होता है और उसी कि पुजा भी कि जाती है।

लेकिन सब से परे अजर अमर अविनाशी ईश्वर इन सब से हमेशा परे हैं।


Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)