समस्या चाहे कितनी भी कठीन हो, हल निकालने पर उस समस्या का हल अवश्य ही निकल जाता है। बस हमें सच्चे लग्न से कोशिश करने कि जरुरत पड़ती है।
एक किसान था, जिसके पास बहुत बड़ा खेत था। और खेत के बीच में एक पत्थर जमीन से निकला हुआ था, उस पत्थर की वजह से किसान को कई बार ठोकर भी लगी थी, और उसके औजार भी कई बार उस पत्थर की वजह से टूट गये थे।
एक दिन दोपहर की गर्मी में किसान खेत में काम कर रहा था, उसका हल पत्थर से टकरा गया और हल टूट गया, यह देखकर किसान को बहुत गुस्सा आया, और उसने यह निश्चय किया कि आज वो आज इस पत्थर को हटा कर रहेगा। वह गया और अपने गाँव से कुछ लोगो को उस पत्थर उठाने के लिए बुला लिया और उसने सबसे कहा – दोस्तों, मेरे इस खेत में चट्टान है और हमें मेहनत करके इस चट्टान को हटाना है | तो उसके दोस्तों ने पत्थर के आस पास की मिट्टी को हटाना शुरू किया | जब वे मिट्टी हटाते रहे तो उन्हें पता चला जिस पत्थर को किसान बार बार चट्टान कह रह था वास्तव में वह एक मामूली सा पत्थर था। किसान ने अकेले ही उस पत्थर को खेत से उठाया और बाहर फेंक आया।किसान के दोस्त यह देखकर किसान पर हंसने लगे और कहने लगे – तुम तो कह रहे थे कि तुम्हारे खेत में एक चट्टान है, लेकिन ये तो एक मामूली सा पत्थर था। यह सुनकर किसान सोचने लगा- जिसे मै कई सालो तक मै चट्टान समझ रहा था वो एक मामूली सा पत्थर निकला, अगर मैंने इसे पहले से ही निकाल कर फेंक दिया होता तो मेरे सारे औजार मेरे पास होते जो इस पत्थर की वजह से मेरे पास नहीं हैं।
दोस्तों कई बार में जीवन जो कठिनाइयों को देखते हैं वो होती बहुत छोटी है लेकिन लगती हमें बहुत बड़ी हैं, अगर हम इसका डट कर मुकाबला करे तो यह समाप्त की जा सकती हैं। अगर किसान ने पहले ही उस पत्थर को जिसे वो चट्टान समझ कर छु भी नहीं रहा था, उसने उस पत्थर को अकेले ही फेंक दिया।
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